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डायबेटिक सॉक्स (मधुमेह रोगियों के लिए मोज़ें)-प्रोगेट

Diabetic Socks – Progaiit

मधुमेह के रोगियों के लिए मोज़े पहनना ज़रूरी क्यों है?

मधुमेह आपके शरीर की अनेक प्रणालियों पर असर डालता है, जिसमें आपके पैर भी शामिल हैं। मधुमेह के रोगियों को न्युरोपैथी हो सकती है जिसमें इन्हें संवेदनहीनता होती है, रक्त का संचार कम हो जाता है, और घाव देर से ठीक होते हैं। न्युरोपैथिक रोगियों को दर्द, दबाव, या तापमान में बदलावों का अहसास नहीं होता है। इसके कारण हल्की खरोंचों और/या छीलने पर अक्सर नज़र नहीं पड़ती है। एक छोटा-से घाव में इलाज के बिना संक्रमण हो सकता है, जो फिर फोड़े में बदल सकता है और शायद उसके बाद अंग-विच्छेद की आवश्यकता भी पड़ सकती है। इसके अलावा, कमज़ोर रक्त संचार के कारण मधुमेह के रोगियों में चोटें ठीक होने में समय लगता है।

प्रोगेट डायबेटिक सॉक्स (मधुमेह रोगियों के लिए मोज़ें) एक सक्रिय कदम है जिसकी मदद से चोटों से स्वयं को बचाकर संक्रमण की संभावना को कम किया जा सकता है।

प्रोगेट सॉक्स दबाव नहीं डालते हैं और रक्त संचार को भी नहीं रोकते हैं।

इन मोज़ों में उपस्थित चाँदी के रेशे एक सुरक्षा पट्टी की तरह काम करते हैं जो आपके पैरों को संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं से पूरा दिन और हर रोज़ बचा के रखते हैं। मधुमेह रोगियों के पैरों के लिए चाँदी की सुरक्षा आपकी इस प्रकार मदद करता है:

  • संक्रमण पैदा करने वाले 99.9% जीवाणुओं को एक घंटे के भीतर समाप्त कर देता है। इस बात का प्रमाण कई बाहरी प्रयोगशालाओं में किया जा चुका है।
  • प्रोगेट सॉक्स के चांदी के रेशे सामान्य मोज़ों में उपस्थित बदबू फैलाने वाले जीवाणुओं को समाप्त कर देता है। इसकी वजह से कई घंटों तक मोज़ें पहनने के बाद भी आपके पैरों में बदबू नहीं आती है।
  • गर्मी से बचाता है और आपके पैरों का तापमान एक समान बनाये रखता है।
  • इस सामग्री की विशेषताएं न तो धुलने ख़राब होती हैं और न ही घिसती हैं (परीक्षणों के अनुसार 100 बार धुलने के बाद भी बरक़रार रहती है)।
  • पैरों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बनाये रखता है।
  • रक्त के संचार को बढ़ाता है और सूजन को कम करता है।
  • पैरों को खरोंचों ओर छीलने से बचाता है जिनपर अक्सर मधुमेह के रोगियों का ध्यान नहीं जाता है।

प्रोगेट सॉक्स 3 प्रकारों में उपलब्ध है:

  1. आउटडोर सॉक्स (बाहर पहनने के लिए मोज़े) – घर के बाहर किसी भी जूते या अन्य फुटवीयर के साथ पहनने के लिए सामान्य मोज़े।
  2. इन्डोर सॉक्स (घर के भीतर पहनने के लिए मोज़े) – इनमें अच्छे-से पैड किया हुआ प्लांटर क्षेत्र (एड़ी) होता है और यही कारण है कि इन्हें घर के अंदर उपयोग किया जा सकता है। सामाजिक कारणों के वजह से भारत में कई लोग घर के भीतर फुटवीयर पहनने हिचकते हैं जिसके कारण पैरों में चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है। इन्डोर सॉक्स को पूरा दिन पहने रखने से पैरों की सुरक्षा होती हैं।
  3. अल्सर-शील्ड सॉक्स (फोड़ों से बचाने वाले मोज़ें) – इन मोज़ों में प्लांटर (एड़ी) के क्षेत्र में शुद्ध चाँदी के रेशे होते हैं जो संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं से अधिकतम सुरक्षा प्रदान करते हैं।

 

एक माप सबको फिट होता है

उपलब्ध रंग: प्राकृतिक चाँदी, काला, भूरा, नीला

 

 

अस्वीकरण: इस पृष्ठ पर उपलब्ध जानकारी पेशेवर चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। आपकी विशिष्ट स्थिति के लिए सही उत्पादों पर सर्वोत्तम सलाह देने के लिए आपका चिकित्सक ही सबसे योग्य व्यक्ति है।